एमपी में कांग्रेस के मुकाबले भाजपा विधायक ज्यादा हाइटेक

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भोपाल। मध्यप्रदेश की विधानसभा भले ही ऑनलाइन हो गई हो लेकिन राज्य के ज्यादातर विधायक आज भी ऑफ लाइन ही हैं। 17 दिसम्बर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र के लिए विधायकों द्वारा पूछे गए सवालों को देखकर इसका पता चलता है कि विधायकों ने ऑनलाइन सवाल पूछने के बजाय ऑफ लाइन को महत्व दिया। कुल 230 विधायकों वाली इस विधानसभा में मात्र 63 विधायकों ने ऑनलाइन सवाल पूछने में रूचि दिखाई।

पांच दिवसीय विधानसभा सत्र के लिए कुल 2125 विधायकों ने लिखित सवाल पूछे। इनमें ऑनलाइन सवालों की संख्या 822 है जबकि ऑफ लाइन पूछे जाने वाले सवाल 1303 हैं। विधानसभा सचिवालय ने विधायकों के इन लिखित सवालों को राज्य सरकार के संबंधित विभागों को भेज दिया है, जिससे इनके समय से उत्तर मिल सकें।

विधायकों को भले ऑनलाइन और ऑफ लाइन सवाल पूछे की आजादी हो लेकिन विधानसभा सचिवालय राज्य सरकार को ऑनलाइन सवाल ही भेजती है और उत्तर भी ऑनलाइन ही मंगाती है। इसलिए सचिवालय का प्रयास भी यही रहता है कि ज्यादा से ज्यादा विधायक भी ऑनलाइन सवाल ही पूछें, जिससे विधायकों से प्राप्त होने वाले सवालों को सीधे सरकार तक भेजा जा सके। इसके लिए विधायकों और उनके अधीनस्थों को ऑनलाइन सवालों के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाता है, लेकिन इसका असर कम ही दिख रहा है।

पहली बार के विधायकों में अधिक उत्साह –

ऑनलाइन सवालों की बात की जाए तो पहली बार विधानसभा तक पहुंचने वाले विधायकों ने ऑनलाइन सवाल पूछने में अधिक रूचि दिखाई है। इनकी संख्या 25 है। इनमें कांग्रेस और भाजपा के विधायकों की संख्या 12-12 है, जबकि एक विधायक सपा का है।

कर्ज माफी, यूरिया संकट, कानून व्यवस्था पर अधिक सवाल –

विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस ने किसानों को दो लाख रुपए तक के कर्ज माफ किए जाने का वादा किया था। सरकार बनने के साथ ही दस दिन मेंं कर्ज माफ किए जाने की बात भी कही थी, लेकिन एक साल बाद भी कर्ज माफ नहीं होने को मुख्य विपक्षी दल भाजपा सदन में सरकार को घेरने की तैयारी मेें है। इस बार किसानों से जुड़े सवाल सर्वाधिक पूछे गए हैं। इसमें कर्ज माफी के साथ, यूरिया संकट प्रमुख हैं। इसके अलावा बिगड़ती कानून व्यवस्था, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा से जुड़े सवाल भी शामिल हैं। भाजपा ने प्याज और यूरिया संकट पर सरकार को घेरने के लिए रणनीति के साथ काम कर रही है।

13 विधायकों ने पूछे सर्वाधिक सवाल –

सर्वाधिक सवाल पूछने वालों में 13 विधायक शामिल हैं। इनमें से प्रत्येक विधायक ने 20-20 सवाल पूछे हैं। इनमें भूपेन्द्र ङ्क्षसह, बृजेन्द्र प्रताप सिंह, जुगल किशोर बागरी, सुशील कुमार तिवारी, राम किशोर कावरे, कंवर जी कोठार, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, महेश परमार, डॉ. मोहन यादव, डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय, यशपाल सिंह सिसौदिया, हरदीप सिंह डंग शामिल हैं।

सत्तारूढ़ दल कांग्रेस के मुकाबले भाजपा आगे –

ऑनलाइन सवाल पूछने वालों में पार्टीवार विधायकों की बात की जाए इसमें सत्तारूढ़ दल कांग्रेस के मुकाबले भाजपा के विधायक आगे हैं। भाजपा के कुल 42 विधायकों ने ऑन लाइन सवाल पूछे जबकि कांग्रेस के मात्र 20 विधायकों ने ऑनलाइन सवाल पूछने में रूचि दिखाई।

यह बात सही है कि मैंने पिछले कार्यकाल में स्पीकर रहने के दौरान विधायकों को ऑनलाइन सवाल पूछने के लिए प्रेरित किया। लेकिन मुझे अफसोस है कि मैं इस बार विधायक के नाते ऑनलाइन सवाल नहीं पूछ सका, क्योंकि मेरे पास कोई प्रशिक्षित व्यक्ति नहीं है। अगली बार ऑनलाइन सवाल जरूर पूछूंगा।

– डॉ. सीतासरन शर्मा, विधायक होशंगाबाद

मैं हमेशा से ऑफलाइन सवाल पूछते आया हूं। इसलिए इस बार भी ऑफलाइन ही सवाल पूछे।

– गोपाल भार्गव, नेता प्रतिपक्ष विधानसभा

मैं भोपाल में ही था, विधानसभा समिति की बैठक थी, इसलिए मैंने सीधे सचिवालय में ही सवाल दे दिए थे। इसलिए मैंने ऑनलाइन सवाल नहीं पूछे।

– कुंवर विक्रम सिंह नातीराजा, विधायक राजनगर