IPFT के प्रतिनिधिमंडल ने की गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात, त्रिपुरा में CAB के खिलाफ आंदोलन खत्म

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नई दिल्ली: त्रिपुरा में नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill 2019) का विरोध कर रही इंडीजीनस पीपल फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (IPFT) पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार शाम गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) से मुलाकात के बाद आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया. गृहमंत्री अमित शाह ने एक ट्वीट के जरिये यह जानकारी दी. हालांकि नागरिकता बिल को लेकर उत्तर-पूर्व में विरोध जारी है. गुरुवार को भी बिल के विरोध में कई जगहों पर प्रदर्शन हुए.

गृहमंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा, “आज IPFT के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की जो त्रिपुरा में नागरिकता बिल का विरोध कर रहे थे. नागरिकता बिल को लेकर उनकी चिंताओं पर चर्चा की. मोदी सरकार उनके मुद्दों का समाधान करने का पूरा प्रयास करेगी. मैंने आंदोलन खत्म करने पर उनका धन्यवाद किया.”

नागरिकता बिल के खिलाफ जारी आंदोलन में संयुक्त आंदोलन के संयोजक एंथनी देब बर्मा ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद कहा, “आज हमारी गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात हुई. हमने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को खत्म करने का निर्णय लिया है.”

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन बिल को लेकर त्रिपुरा में विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. बीजेपी की सहयोगी पार्टी इंडीजीनस पीपल फ्रंड ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) सहित अन्य आदिवासी समूहों ने आंदोलन छेड़ रखा था. अब आईपीएफटी ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया है.

उधर, असम के राज्यपाल जगदीश मुखी ने राज्य के लोगों से आंदोलन खत्म करने की अपील करते हुए कहा, “केंद्र सरकार ने संसद में असम के हितों के सुरक्षा का आश्वासन दिया है. उन्होंने यहां की संस्कृति, भाषा और अधिकारों के संरक्षण का भी आश्वासन दिया है. नागरिकता बिल के खिलाफ विरोध दर्ज करा रहे छात्रों, भाई-बहनों से मैं अनुरोध करना चाहता हूं कि वे शांति बनाए रखें.”

नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ प्रदर्शन में असम में अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है. गुवाहाटी में दो लोगों की और तिनसुकिया में एक व्यक्ति की मौत हुई है. असम में सेना के 5 कॉलम तैनात हैं. 22 दिसंबर तक सभी स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे. 24 ट्रेन और 4 फ्लाइट रद्द की गई हैं. त्रिपुरा में भी सेना के 3 कॉलम तैनात हैं. असम और त्रिपुरा में रणजी ट्रॉफी मैच सस्पेंड कर दिया गया है.