मोदी सरकार: रोजगार सृजन के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए भी चिंतित है

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मोदी सरकार ने कर्मचारियो के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। मोदी सरकार के कार्यकाल में आज भारत आर्थिक महाशक्ति बनने की राह पर तेजी से अग्रसर है। भारत की औद्योगिक प्रगति का एक महत्वपूर्ण बिंदु है इसके उद्योग और इसमें काम करने वाले कामगार। इसकी एक बानगी हाल ही में तब मिली जब श्रम और रोजगार मंत्रालय ने हाल ही मे जारी एक आंकडे में बताया कि कि नवंबर 2022 में ईएसआई योजना के तहत 18.66 लाख नए वर्कर इसमें सम्मिलित हुए।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओ में बढ़ती भागीदारी

श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा 20 जनवरी को जारी एक आंकड़े के मुताबिक कर्मचारी राज्य बीमा योजना(ईएसआई स्कीम) में नवंबर 2022 में बीते वर्ष के मुकाबले 5.24 लाख नए सदस्य जुड़े। सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजना का समर्थन करते हुए नवंबर 2022 में 21,953 नए संस्थान भी इससे योजना में सम्मिलित हुए।

नए लेबर कोड से कामगारो के अधिकारो को मजबूत किया

मोदी सरकार ने एक ओर क्रांतिकारी कदम उठाते हुए गत वर्ष चार नए लेबर कोड निर्धारित किए। कामगारों के अधिकारो और कल्याण को सर्वोपरि रखते हुए इन कोड के लागू होने के बाद असंगठित क्षेत्र के कामगारों सहित सभी क्षेत्र के कामगारों को कम से कम वेतन,सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी कई सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इन लेबर कोड के लागू होने के बाद कामगारों को कम से कम मिलने वाला वेतन और इसका भुगतान का अधिकार सुनिश्चित कराया जाएगा। इसके साथ ही सालाना हेल्थ चेकअप ओर स्वास्थ्य सुविधाओं की सुविधा भी कामगारों का स्वास्थ्य उत्तम रखेगी जिससे प्रोडक्टिविटी में बढ़ोत्तरी होगी। स्किल कामगारों के लिए रि-स्किलिंग फंड के प्रावधान भी नए लेबर कोड में किए गए हैं।