कोर्ट मोहर्रिर से बढ़ती है कोर्ट की प्रोसेडिंग : सीजेएम सिन्हा

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कंट्रोल रूम में कार्यशाला का शुभारंभ, एक्सपर्टस ने दिए टिप्स

जबलपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट  प्रवीण कुमार सिन्हा ने कहा कोर्ट मोहर्रिर क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम का अंग है। कोर्ट की प्रोसेडिंग कोर्ट मोहर्रिर से ही बढ़ती है। इस तरह की ट्रेनिंग कौशल को बढ़ाती है। श्री सिन्हा ने यह बात आज सुबह पुलिस कंट्रोल रूम में कोर्ट मोहर्रिर की दक्षता एवं बेहतर नियंत्रण के लिए आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि की आसंदी से कही। उन्होंने कहा कोर्ट मोहर्रिर पर कोर्ट की सुरक्षा की भी जिम्मेदारी होती है। इसलिए समय का पाबंद होना व कार्यवाही बेहतर तरीके से संधारण करना जरूरी है। आज डिजीटलाइजेशन की दिशा में हम बढ़ रहे है जल्द ही मोहर्रिरों को इस कार्य के लिए कम्प्यूटर भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं। कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर जिला लोक अभियोजन अधिकारी शेख वसीम ने कार्यशाला के उद्देश्य की जानकारी दी। इस अवसर पर न्यायिक दंडाधिकारी इंदु तिवारी भी मंचासीन रहे।

हर माह बेस्ट कोर्ट मोहर्रिर को किया जाएगा सम्मानित

कार्यशाला में मंचासीन अतिथि एसपी अमित सिंह ने कहा कोर्ट मोहर्रिर को संबोधित करते हुए कहा कि यह पद छोटा नहीं बल्कि महत्वपूर्ण होता है। हमें अपने नॉलेज को बढ़ाने के लिए इन सर्विस ट्रेनिंग में शामिल होना चाहिए। आप का रोल महत्वपूर्ण है। आप जनसेवा का रोल प्ले करें। कार्यक्रम में एसपी सिंह ने यह घोषणा की कि हर माह बेस्ट कोर्ट मोहर्रिर को नगद ईनाम के साथ सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए विभिन्न आधार पर कोर्ट मोहर्रिर को नंबर देकर सिलेक्ट किया जाएगा। कार्यशाला में फिंगर प्रिंट प्रभारी उप पुलिस अधीक्षक जेपी सोनी जी द्वारा अपराधियों के अंगुल चिन्ह लेने के बारे में ट्रेनिंग दी।  अभियोजन अधिकारी दीपक बंसोड,  भगवत उईके, दुर्गेश ताराम, देवार्षि पींचा, जयवीर यादव इत्यादि के द्वारा कोर्ट मोहिर्ररों को प्रशिक्षण के संबंध में पावर पॉइंट प्रेजेनटेंशन के द्वारा व्याख्यान दिया गया।